Sale!

Hindi Ke Srijankarmi

495.00 420.75

ISBN: 978-81-89982-16-4
Edition: 2012
Pages: 331
Language: Hindi
Format: Hardback


Author : Dr. Sushil Kumar Phull

Compare
Category:

Description

प्रस्तुत पुस्तक के संयोजक का यह दृढ़ विश्वास है कि कोई ऐसा बृहत् हिन्दी साहित्य का इतिहास लिखा जाए, जिसमें पूरे राष्ट्र का हिन्दी सृजन नाक-भौं सिकोड़े बिना संकलित एवं मूल्यांकित किया गया हो। ‘हिन्दी के सृजनकर्मी’ में प्रथम प्रयास के रूप में तेरह ऐसे लेखक-लेखिकाओं का व्यक्तित्व-कृतित्व प्रस्तुत किया गया है, जो संयोजक के मतानुसार साहित्येतिहास में उल्लेख के अधिकारी हैं। उनके योगदान की उपेक्षा करना हिन्दी के विकास एवं गौरव पर कुठारघात करना होगा।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Hindi Ke Srijankarmi”

Your email address will not be published. Required fields are marked *