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सबीना के चालीस चोर / Sabeena Ke Chalees Chor

295.00 250.75

ISBN : 978-81-7016-392-3
Edition: 2011
Pages: 208
Language: Hindi
Format: Hardback


Author : Nasera Sharma

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Category:

Description

सबीना के चालीस चोर
‘सबीना के चालीस चोर’ इस संग्रह की बाकी कहानियों के कथा-सूत्रों का बुनियादी विचार है । सबीना एक छोटी लड़की है, जो बडों जैसी दृष्टि और समझ रखती है । उसका मानना है कि फसाद कराने वाले, दूसरों का हक मारने वाले ही चालीस चोर है, जो हमेशा कमजोर वर्ग को दबाते हैं । इसी सबके बीच बार-बार अपने होने का अहसास दिलाती छोटी-छोटी मगर समझदार लड़कियां समूचे संघर्ष का हिस्सा है, अलग-अलग कहानियों से अलग-अलग किरदार निभाती सबीना से लेकर गुल्लो, सायरा, चम्पा, मुन्नी जैसी लड़कियों में नासिरा शर्मा खुद को ही ‘प्लांट’ करती हैं।
दर्द की बस्तियों की ये कहानियाँ जिस भारतीय आबादी का प्रतिनिधित्व करती है वही इस देश की बुनियाद हैं ।  दरअसल ये ही कहानियां हिंदुस्तान की सच्ची तस्वीर हैं, जिनका अंतर्संगीत  इनके कथानकों के तारों में छिपा है, जिन्हें जरा-सा छेड़ो तो मानवीय करुणा का अधाह सागर ठाठें मारने लगता है । कहानियों का कैनवास और लेखक के सरोकार में जहाँ विस्तार एव गहराई है वहाँ घनीभूत और चौतरफा व्यथा है ।
इन कहानियों की भाषा जिंदा भाषा है, जिसमें निजता और लोक-गंध की मिठास है। एक वरिष्ट कथाकार की ये कहानियां सचमुच उसके संपूर्ण कथा-संसार का प्रतिनिधित्व करती हैं ।

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