Sale!

दुष्यंत के जाने पर दोस्तों की यादें / Dushyant ke Jaane Par Doston ki Yadein

200.00 170.00

ISBN: 978-93-82114-25-3
Edition: 2013
Pages: 132
Language: Hindi
Format: Hardback


Author : Kamleshwar

Compare
Category:

Description

कमलेश्वर
जन्म : 6 जनवरी, 1932, मैनपुरी (उ०प्र०)
शिक्षा : एम०ए० (हिंदी), इलाहाबाद विश्वविद्यालय
कहानी- संकलन : राजा निरबंसिया, कस्बे का आदमी, जार्ज पंचम की नाक,  खोई हुई दिशाएँ, मांस का दरिया, इतने अच्छे दिन, कोहरा, रावल की रेल, समग्र कहानियां, दस प्रतिनिधि कहानियां, आज़ादी मुबारक ।
उपन्यास : एक सड़क सत्तावन गलियां, लौटे हुए मुसाफिर, तीसरा आदमी, समुद्र में सोया हुआ आदमी,  काली आँधी,  आगामी अतीत, रेगिस्तान, वही बात, सुबह दोपहर शाम,  डाकबँगला,  कितने पाकिस्तान, एक और चंद्रकांता (दो भाग)।
यात्रा-वृत्तांत : कश्मीर : रात के बाद, देश-देशांतर।
आत्मकथा : जो मैंने जिया, यादों के चिराग, जलती हुई नदी ।
विविध  : नयी कहानी की भूमिक, मेरा पन्ना, बंधक लोकतंत्र, सिलसिला थमता नहीं, घटनाचक्र, दस्तक देते सवाल, मेरे साक्षात्कार, अपनी निगाह में आदि।
पत्रकारिता : इंगित,  संकेत, नई कहानियां, सारिका, श्रीवर्षा, गंगा, कथायात्रा, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर का संपादन ।
सीरियस लेखन : चन्द्रकांता, आकाशगंगा, युग, रेत पर लिखे  नाम, बिखरे पन्ने, दर्पण आदि ।
फ़िल्में : आंधी, मौसम, अमानुष, द बर्निंग ट्रैन, राम बलराम, सौतन, पति-पत्नी और वह, नटवरलाल, सारा आकाश, डाकबंगला आदि लगभग 100 स्क्रिप्ट्स ।
संपादन : गुलमोहर फिर खिलेगा आदि ।
स्मृति-शेष : 27 जनवरी, 2007

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “दुष्यंत के जाने पर दोस्तों की यादें / Dushyant ke Jaane Par Doston ki Yadein”

Your email address will not be published. Required fields are marked *