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Shiksha Evam Itihas : Parivatan Ki Chunautiyan

395.00

ISBN: 978-81-7016-762-4
Edition: 2023
Pages: 160
Language: Hindi
Format: Hardback


Author : Jagmohan Singh Rajput

Category:

प्रगति और विकास बीसवीं सदी में उपनिवेशवाद दस चंगुल से मुक्त हुए देशों की राष्ट्रीय नीतियों के आवश्यक अंग बने । जनमानस ने इनमें जीवन की गुणवत्ता सुधारने के सुनहरे सपने देखे । बीसवीं शताब्दी में विश्वस्तर पर यह पहली बार सर्वमान्य हुआ कि शिक्षा सभी का मूलभूत मानवीय अधिकार है तथा शिक्षा की व्यापकता तथा सर्वसुलभता ही मानव को प्रगति तथा विकास के मार्ग पर चलने के लिए तैयार कर सकती है । वस्तुतः शिक्षा ही उस मार्ग का निर्धारण करने में सर्वाधिक सहायता करती है । ये लक्ष्य शिक्षा द्वारा प्राप्त किया जाना तभी संभव हो सकता है जब शिक्षा स्वयं को सतत परिवर्तनशीलता तथा प्रगतिशीलता की लय में ढाल ले । साथ ही शिक्षा अपने पूर्ण परिवेश में समाज तथा राष्ट्र की संभावनाओं, अपेक्षाओं तथा आकांक्षाओं में लगातार हो रहे परिवर्तनों का समावेश करते हुए व्यक्ति के बहुमुखी विकास में सहायक होने में सक्षम बन सके ।