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सुनो मनु / Suno Manu

225.00 191.25

ISBN: 978-81-88466-80-1
Edition: 2010
Pages: 152
Language: Hindi
Format: Hardback


Author : Vishwa Mohan Tiwari

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Category:

Description

सुनो मनु

आज का युवा तेज़ी से आगे बढ़ना चाहता है, किंतु अपने माता-पिता या दादा-दादी से उचित सलाह न मिल सकने के कारण उसे शीघ्र ही भोगवादी बाज़ार के दलदल में फँस जाने का खतरा रहता है।

एक युवक को ऐसे खतरे से बचाने के लिए एक पिता ने होस्टल में रहने वाले अपने पुत्रा को लगातार पत्रा लिखे, जिससे न केवल उसे वरन् उसकी मित्रामंडली के समुचित विकास में, उन्हें जीवन में सोच-विचार कर आगे बढ़ने में सहायता मिली।

उन पत्रों की सफलता का रहस्य था पुत्रा एवं पिता में मित्रावत् व्यवहार। पिता में एक ओर तो अपनी जड़ों से जुड़े रहने का विवेक है तथा दूसरी ओर आधुनिकता की पर्याप्त समझ है।

पत्रों में पुत्रा की सामान्य समस्याओं से लेकर जीवन-मूल्य संबंधी प्रश्नों पर आपस में विचार- विमर्श है।

इस पुस्तक में युवाओं के लिए वे संदेश हैं, जिनसे उनमें इतनी मानसिक, बौद्धिक, नैतिक शक्ति आ सकेगी कि वे भारत को और इसलिए स्वयं को सचमुच ही विश्व में सम्मानप्रद स्थान दिला सकें।

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