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Kash, Pankh Hamaare Hote

220.00 187.00

ISBN: 978-81-934394-8-7
Edition: 2017
Pages: 104
Language: Hindi
Format: Hardback


Author : Dr. Priya Sharma

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Category:

Description

डॉ- प्रिया शर्मा की ये कविताएँ बच्चों के सरल चित्त पर समय की चेतावनियाँ लाल-हरे रंग में झिलमिलाती चलने वाली हँसती-बोलती सी कविताएँ हैं। ‘फास्ट फूड’ या ‘ब्यूटी पार्लर’ या ‘कविताएँ न पढ़ने की प्रवृत्ति’ बाल जगत् में भी प्रवेश पा गए हैं। एक से एक रोचक विज्ञापन मायानगर के ऐयार की तरह टीवी पर आते हैं और फास्ट फूड, शृंगार प्रसाधन आदि के प्रति बाल-मन में भी ऐसा आकर्षण भर देते हैं कि घर का पौष्टिक और संतुलित आहार उन्हें अखाद्य लगने लगता है और नहाया-धोया, सादा-सा चेहरा भी
‘ब्यूटी पार्लर’ का प्रत्याशी! गुड़ियानुमा वे ही मम्मियाँ अच्छी लगने लगती हैं जो ‘सुपर बायर्स’ होंµमहाखरीदारµरंगीन पैकेटों में जहर खरीदकर घर लाने वाले। परीकथा के जंगलों में भी उन्हें ‘ब्यूटी पार्लर’ चाहिए।
आंतरिक सौंदर्य, शांति, सौहार्द और प्रेम से भरे सहकारितामूलक जीवन की प्रेरणा सहज ही मन में जगाने वाले ये बालगीत इसलिए भी महत्त्वपूर्ण हैं कि पर्यावरण की चुनौतियों का सामना करते हुए पशु-पक्षी और वनस्पति जगत् से तादात्म्य रखने की उमंग ये मन में भरते हैं। पशु-पक्षी, वनस्पति और बच्चेµये ही युद्ध और आतंक की छाया में पल रहे इस अतिशय भौतिक युद्ध का सच्चा वैकल्पिक प्रतिपक्ष रचेंगे इन कविताओं के दम से।
-अनामिका

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