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Beeswin Sadi Ki Laghukathaen (4 Vols.) (Paperback)

1,700.00 1,299.00

ISBN: 978-81-88466-16-0
Edition: 2024
Pages: 1024
Language: Hindi
Format: Paperback


Author : Balram

Category:
लघुकथा के इतिहास पर गौर करें तो पता चलेगा कि इस विधा के अंकुरण-काल में ही प्रेमचंद ने इसे गद्य-काव्य और कहानी के बीच की विधा कह दिया था, जिसका उल्लेख कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ ने अपने लघुकथा-संग्रह ‘आकाश के तारे, धरती के फूल’ की भूमिका में किया है।
प्रेमचंद के अनुसार ‘लघुकथा में गद्य-काव्य का चित्र और कहानी का चरित्र होता है’। अज्ञेय इसे ‘छोटी कहानी’ कहते थे तो कमल गुप्त ने ‘लघुकहानी’ का झंडा फहरा रखा है और विनायक अपनी लघुकहानियों के लिए अलग से पहचाने जाते हैं।
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