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Baron ki Baatein

240.00 204.00

ISBN: 978-81-89982-68-3
Edition: 2019
Pages: 176
Language: Hindi
Format: Hardback


Author : Shuk Dev Prasad

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Category:

Description

आराम कहां?
चीनी हमले के बाद हार की वजह से नेहरू जी कुछ हिल से गए थे। एक दिन मौका देखकर उनके सहकारी टी.एन. कौल ने कहा–‘पंडित जी, आप कुछ दिन के लिए विश्राम क्यों नहीं कर लेते? एक सप्ताह आप आराम कर लें तब तक आप काफी तनावरहित महसूस करने लगेंगे।’
नेहरू जी ने छूटते ही कहा–‘तुमने भी खूब कहा। विश्राम और वह भी एक सप्ताह का? यदि मैं एक सप्ताह बिस्तर पर पड़ गया तो कभी उठ नहीं पाऊंगा। मेरे जीवन में विश्राम कहां?’
सचमुच पं. जवाहरलाल नेहरू के जीवन का मंत्र ही था चरैवेति-चरैवेति। उन्होंने ही नारा दिया था– ‘आराम हराम है।’ और जीवन की आखिरी सांस तक वे इस पर अमल करते रहे।
उनकी मेज पर राबर्ट फ्रास्ट की ये कविताएं लिखी हुई सदा विराजमान रहती थीं: ‘वुड्स आर लवली डार्क एंड डीप। बट आई हैव प्रामिसेस टू कीप। माइल्स टू गो बिफोर आई स्लीप। माइल्स टू गो बिफोर आई स्लीप।’
सघन ये वन सुंदर भरपूर
पर मुझे तो रखनी बात जरूर।
सोने से पहले तो मुझे जाना
है मीलों दूर।
मुझे जाना है मीलों दूर।
–इसी पुस्तक से

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