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व्यंग्य समय: हरिशंकर परसाई / Vyangya Samay : Harishankar Parsai (PB)

225.00 202.50

ISBN: 978-81-936159-4-2
Edition: 2018
Pages: 190
Language: Hindi
Format: Paperback


Author : Hari Shankar Parsai

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Category:

Description

हरिशंकर परसाई हिंदी व्यंग्य के शीर्ष रचनाकार के रूप में व्यापक स्वीकृति प्राप्त कर चुके हैं। कथा साहित्य में जो स्थान मुंशी प्रेमचंद का है, व्यंग्य साहित्य में वही प्रतिष्ठा परसाई की है। व्यंग्य को उन्होंने ‘विधिवत विधा’ के रूप में अंगीकार किया। अन्यान्य विधाओं के बीच व्यंग्य ने जो अकूत यश प्राप्त किया है उसके मूल में परसाई का बहुविधा लेखन ही है। व्यंग्य लेखन के लिए अनिवार्य विशेषताएं उनके व्यक्तित्व में सहज विद्यमान थीं, अपने अनुभव-अध्ययन और अपनी अंतर्दृष्टि से उन्होंने विशेषताओं को क्षमता में रूपांतरित किया। तमाम पत्र-पत्रिकाओं में स्तंभ लेखन करते हुए उन्होंने तात्कालिक मुद्दों पर भी व्यापक सोच के साथ लिखा। आज यह देखकर किसी को आश्चर्य हो सकता है परसाई ने तत्कालीन राजनीति का कितना सघन व तार्किक विश्लेषण अपने लेखन में किया है।

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