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नानाजी देशमुख: जीवन दर्शन / Nanaji Deshmukh : Jeevan Darshan (PB)

160.00 144.00

ISBN: 978-93-83234-08-0
Edition: 2015
Pages: 144
Language: Hindi
Format: Paperback

Author : Gaurav Chauhan

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Category:

Description

इस जीवात्मा ने अपने व्यक्तित्व की कुछ ऐसी अमिट छाप समाज पर छोड़ी कि उनके विषय में समाज और देश को यह सोचने पर विवश कर दिया कि क्या साधारण मनुष्य भी दलित, शोषित, पीड़ित व वंचित के दुःखों को दूर कर उनके हृदय में एक ईश्वर, गुरु, प्रेरक, श्रद्धा का स्थान ले सकता है। ऐसी ही एक पवित्र जीवात्मा थे जिन्हें हम नानाजी देशमुख के नाम से जानते हैं।
“हम अपने लिए नहीं अपनों के लिए हैं। अपने वे हैं जो सदियों से पीड़ित, शोषित व उपेक्षित हैं।” यह कथन इन्हीं जीवात्मा का था जो आज नानाजी के नाम से इस संसार में याद किए जाते हैं। ऐसा ही कोई विरला व्यक्तित्व इस धरा पर जन्म लेकर इस धरा को पवित्र बनाता है।

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