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Rahi Ko Samjhaye Kaun

100.00 85.00

ISBN: 978-81-7016-694-8
Edition: 2006
Pages: 108
Language: Hindi
Format: Hardback


Author : Balswaroop Rahi

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Description

राही की गजलें हिंदी साहित्य में एक खुशगवार इजाफे की हैसियत और विशेष महत्त्व रखती हैं। मुझे पूरा यकीन है कि गजलों के इस संकलन को ‘देर आयद दुरुस्त आयद’ मानते हुए हिंदी जगत् में इसका पुरजोर स्वागत किया जाएगा।
-प्रो. सादिक

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