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MAHAYAATRA GAATHA (4 VOLS.) (नया पेपरबैक संस्करण)

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महायात्रा गाथा (चार खंड में) पेपरबैक

खंड: 1 – आदि से इंद्र तक/इंद्र से मांधाता तक
खंड: 2 – मांधाता से जनमेजय तक
खंड: 3 – जनमेजय से अजातशत्रु तक/अजातशत्रु से हर्षवर्धन तक
खंड: 4 – हर्षवर्धन से पृथ्वीराज चौहान तक

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महायात्रा गाथा (चार खंड में)

खंड: 1 – आदि से इंद्र तक/इंद्र से मांधाता तक
खंड: 2 – मांधाता से जनमेजय तक
खंड: 3 – जनमेजय से अजातशत्रु तक/अजातशत्रु से हर्षवर्धन तक
खंड: 4 – हर्षवर्धन से पृथ्वीराज चौहान तक

6 reviews for MAHAYAATRA GAATHA (4 VOLS.) (नया पेपरबैक संस्करण)

  1. Sunil Singh

    Must read for all literature’s lover… Incidentally got the books…After reading all four volumes, it can strongly say it is masterpiece of hindi literature. The complete picture of evolution of human kind from beginning has been marvelously described. Hats off to Rangey Raghav for producing such immoral creation

  2. Dinesh Pathak

    Best Book…. Purchase immediately.

  3. Aarti Gurung

    Amazing book… must buy

  4. Madhu nangia

    Best Book by Rangey Raghav. Everyone need buy this book

  5. राजेन्द्र यादव

    बहुत ही अच्छी साहित्य हैं सभी को पढ़ना चाहिए

  6. मनीष कुमार, शिक्षक

    रांगेय राघव ने अपनी रचना ‘ महायात्रा गाथा ‘ के रूप में महत्वपूर्ण कार्य किया है। एक ऐतिहासिक उपन्यास में गाथा के माध्यम से बहुआयामी विकास और परिवर्तनों का तार्किक विश्लेषण करते हुए वर्णव्यवस्था के तहत बीजरूप में पनपते वर्ग-संघर्ष का समुचित चित्रण किया है। महत्त्वपूर्ण तरीके से मानव सभ्यता में हुए परिवर्तनों का जातिय अंतर्भुक्ति से समझाने का प्रयत्न है। लेखक को इस महती कार्य के लिए धन्यवाद के साथ 🙏

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