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Premyog / प्रेमयोग

250.00 212.50

ISBN : 9789384343026
Edition: 2019
Pages: 120
Language: Hindi
Format: Hardback
Author : Swami Vivekanand

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Category:

Description

संसार में यह एक प्रेरक शक्ति है। मनुष्य जैसें -जैसें उन्नत्ति करता जायेगा, वैसें वैसें विवेक और प्रेम उसके जीवन में आदर्श बनते जायेंगे। भक्ति को अपना सर्वोच्च आदर्श बनाना चाहिए तथा संसार और इंद्रियों से धीरे धीरे अपना रास्ता बनाते हुए हमें  ईश्वर तक पहुचना है अथार्थ् भक्ति, भक्त और भगवान तीनों एक है।

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