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Manu Ko Banaati Manaii

250.00 212.50

ISBN: 978-93-82114-52-9
Edition: 2013
Pages: 164
Language: Hindi
Format: Hardback


Author : Gyanendrapati

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Category:

Description

ज्ञानेन्द्रपति का प्रस्तुत संग्रह कविता-प्रेमी जनों के द्वारा स्नेहादृत होगा, इस आशा की जड़ें इसकी खासियत में भी पिन्हां हैं। यहां क्रमशः पकते स्त्री-जीवन की विविध छवियां मिलेंगी-छली और दली जाती आत्म-दान की उसकी उमंग की कातर परिणतियां ही नहीं, बल्कि मानवता की स्रोतस्विनी होने के उसके गौरव और अकूत संघर्ष-क्षमता को उजागर करने वाले आख्यान भी। भारतीय समाज की शक्ति-संरचना और भारतीय अनुष्य की मानसिक संरचना की परतें खोलता यह काव्यात्मक सत्यान्वेषण अपनी समग्रता में एक औपन्यासिक वितान रचता है, सहज ही।

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