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Kargil Ke Paramvir Captain Vikram Batra

300.00 255.00

ISBN : 9789352664283
Edition: 2017
Pages: 152
Language: Hindi
Format: Hardback
Author : G.L. Batra

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Category:

Description

मैं या तो जीत का भारतीय तिरंगा लहराकर लौटूँगा या उसमें लिपटा हुआ आऊँगा, पर इतना निश्चित है कि मैं आऊँगा जरूर।’
कैप्टन बत्रा ने अपने साथी को यह कहकर किनारे धकेल दिया कि तुम्हें अपने परिवार की देखभाल करनी है और अपने सीने पर गोलियाँ झेल गए। कैप्टन बत्रा 7 जुलाई, 1999 को कारगिल युद्ध में अपने देश के लिए लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। बेहद कठिन चुनौतियों और दुर्गम इलाके के बावजूद, विक्रम ने असाधारण व्यक्तिगत वीरता तथा नेतृत्व का परिचय देते हुए पॉइंट 5140 और 4875 पर फिर से कब्जा जमाया। उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। विक्रम मात्र 24 वर्ष के थे।
‘कारगिल के परमवीर : कैप्टन विक्रम बत्रा’ में उनके पिताजी जी.एल. बत्रा ने अपने बेटे के जीवन की प्रेरणाप्रद घटनाओं का वर्णन किया है और उनकी यादों को फिर से ताजा किया है। उन्होंने आनेवाली पीढि़यों में जोश भरने और वर्दी धारण करनेवाले पुरुषों के कठोर जीवन का उल्लेख भी किया है।

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अनुक्रम

प्राकथन — Pgs. 7

संदेश — Pgs. 11-16

मेरी बात — Pgs. 17

आभार — Pgs. 19

1. एक योद्धा का जन्म — Pgs. 25

2. कॉलेज के दिन — Pgs. 31

3. मन की पुकार… 36

4. आगे का रास्ता — Pgs. 40

5. पहली पोस्टिंग (तैनाती) — Pgs. 46

6. उपद्रव का समय — Pgs. 53

7. हंप, रॉकी नॉब (Rocky Knob) पर विजय — Pgs. 57

8. ऑपरेशन विजय — Pgs. 61

9. प्वॉइंट 5140 पर कजा — Pgs. 65

10. देश का गौरव, देश का हीरो — Pgs. 71

11. प्वॉइंट 4875 की लड़ाई — Pgs. 75

12. अंतिम लड़ाई — Pgs. 78

13. शहादत — Pgs. 85

14. जीत की कीमत — Pgs. 88

15. देश का नमन — Pgs. 90

16. एक सैनिक की प्रेम कहानी — Pgs. 93

17. युद्ध-विराम — Pgs. 95

18. सर्वोच्च सम्मान — Pgs. 97

19. प्रशस्ति — Pgs. 99

20. स्मृतियों में…

विक्रम : माँ की स्मृतियों में — Pgs. 101

गौरवान्वित पिता की स्मृतियों में — Pgs. 103

भ्रातृ-स्नेह : जन्म-जन्म का बंधन — Pgs. 105

बहन की स्मृतियों में…खिलंदड़ विक्रम — Pgs. 112

भाई, जिसने अपना वादा पूरा किया : एक बहन की श्रद्धांजलि — Pgs. 114

न जाने फिर कब मुलाकात होगी : जानी — Pgs. 116

कारगिल की कहानी : बरखा दा की जुबानी — Pgs. 122

जन-जन का हीरो : देश-दुनिया के शदों में  — Pgs. 126

ये दिल माँगे मोर — Pgs. 142

कैप्टन विक्रम बत्रा को श्रद्धांजलि — Pgs. 144

शेरदिल — Pgs. 147

मेरे मन-मंदिर का देवता — Pgs. 149

संदर्भ-सूची — Pgs. 150

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