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Kafka ki Lokpriya Kahaniyan

250.00 212.50

ISBN : 9789386001306
Edition: 2016
Pages: 152
Language: Hindi
Format: Hardback
Author : Kafka

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Category:

Description

और तभी इस कारवाँ के मुखिया ने अपना चाबुक उनकी पीठ पर चलाया। अधूरे आनंद से अभिभूत अपना सिर उठाया तो सामने अरबी को खड़ा पाया। अपने नथुने पर चाबुक का प्रहार पड़ते ही वे पीछे की ओर भाग खड़े हुए। ऊँट का मृत शरीर कई जगहों पर खोल दिया था तथा उससे खून बह रहा था। लेकिन सियार बहुत देर तक वहाँ जाने से स्वयं को रोक नहीं सके, और एक बार फिर वे वहाँ पहुँच गए। एक बार फिर मुखिया ने अपना चाबुक उठाया, लेकिन इस बार मैंने उसका हाथ रोक दिया।
इस धरती पर हर जगह, यहाँ तक कि अब मैंने स्वयं को स्वतंत्र कर लिया था, अब तब भी जब ज्यादा कुछ आशा करने को था नहीं। किस प्रकार उन्होंने इस आदत को छोड़ने, अपनी हार मानने से मना कर दिया, बल्कि बहुत दूर से भी हमारे ऊपर नजर लगाए हुए थे और उनके साधन वही थे। वे हमारे सामने ही सारी योजनाएँ बनाते, जहाँ तक नजर जाती देखते, जहाँ हमारा लक्ष्य होता वहाँ हमें जाने से रोकते हैं, बल्कि अपने निकट ही हमारे ठहरने की व्यवस्था करते हैं और अंततः जब हम उनके व्यवहार का विरोध करते हैं तो वे सहज ही उसे स्वीकार करते हैं।
—इसी संग्रह से
प्रसिद्ध कथाकार काफ्का की रोचक-पठनीय-लोकप्रिय कहानियों का संकलन।

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अनुक्रम

1. नया वकील  — Pgs. 7

2. संकल्प  — Pgs. 9

3. व्यापारी — Pgs. 11

4. उदासी — Pgs. 14

5. एक छोटी महिला  — Pgs. 21

6. पुरानी पांडुलिपि — Pgs. 31

7. सियार और अरबी — Pgs. 35

8. खान का भ्रमण — Pgs. 41

9. ग्यारह बेटे — Pgs. 45

10. स्वप्न  — Pgs. 52

11. भ्रातृ हत्या — Pgs. 56

12. आत्मविश्वासी धोखेबाज की बेनकाबी  — Pgs. 59

13. ग्रामीण डॉक्टर — Pgs. 62

14. सम्राट् का संदेश — Pgs. 72

15. गायक जोसफिन या मूषक लोक — Pgs. 74

16. निर्णय — Pgs. 101

17. डोलची सवार — Pgs. 119

18. प्रथम दुःख — Pgs. 123

19. पर्वतों की सैर — Pgs. 128

20. अविवाहित का दुर्भाग्य — Pgs. 129

21. अकादमी की रिपोर्ट — Pgs. 130

22. अस्वीकृति — Pgs. 145

23. कानून के सामने — Pgs. 147

24. पारिवारिक व्यक्ति की चिंताएँ — Pgs. 150

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