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Jagrat Bharat, Shreshtha Bharat

400.00 340.00

ISBN : 9789350484708
Edition: 2016
Pages: 248
Language: Hindi
Format: Hardback
Author : A.P.J. Abdul Kalam & Arun Tiwari

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Category:

Description

वैश्‍विक उद्योगों में आई.टी. उद्योग और मानव संसाधनों की सफलता ने भारत को संपन्न देश बना दिया है। राष्‍ट्र के वर्तमान हालात से असंतोष के बावजूद डॉ. अब्दुल कलाम सुकरात द्वारा छेड़ी गई बौद्धिक लड़ाई का आह्वान करते हैं, जो उन्होंने निरंकुश शासन के खिलाफ शुरू की थी; और वे स्वयं को अपनी चिंताएँ जाहिर करने के लिए बाध्य पाते हैं। टोनी जट के शब्द ‘हमारे आज के रहन-सहन के तरीके में कुछ तो बहुत बड़ी गड़बड़ है’, उन्हें चिंतित करते हैं और उनके अंदर इस पुस्तक को लिखने की इच्छा बलवती होती है।
डॉ. कलाम ने भारतीय पुनर्जागरण का आह्वान किया है, जिसे उन्होंने आम जनता, विशेषकर युवाओं को सम्मिलित करते हुए सात चरणों में व्यक्‍त किया है। वे लोगों से अपील करते हैं कि स्वार्थी सत्तासीन वर्ग की दासता से बाहर निकलें, निष्क्रिय लोकतंत्र की अवस्था से जाग्रत् हों और विकसित राष्‍ट्र बनाने के अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें।
डॉ. कलाम ने एक बार फिर से अपने सहयोगी अरुण तिवारी के साथ संवादों के जरिए खुलकर वह सच्चाई लिखी है, जो उन्होंने देखी है। एक समर्थ, सक्षम, सबल, जाग्रत्, श्रेष्‍ठ भारत बनाने के मार्ग पर चलने का आह्वान करती प्रेरक पुस्तक।

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