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Hamari Sanskritik Dharohar / हमारी सांस्कृतिक धरोहर

250.00 212.50

ISBN : 9789386231826
Edition: 2015
Pages: 128
Language: Hindi
Format: Hardback
Author : Dr. Shankar Dayal Sharma

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Category:

Description

हमारे देश का प्राचीन चिंतन तथा प्राचीन संस्कृति अत्यंत प्रगतिशील एवं समृद्ध रही है । हमारे देश में अनेक चिंतक, साधक-संत तथा महापुरुष हुए । उन सभी ने अपने युग को गहराई से देखा, समझा और फिर एक अच्छे भविष्य के लिए अपनी बातें कहीं । इन सभी के चिंतन के मूल में एक स्वच्छ एवं समतावादी सामाजिक व्यवस्था की स्थापना की भावना थी । यह बात अलग है कि धर्मप्राण समाज ने उन चिंतनों को एक धार्मिक-विधि के रूप में लिया । बाद में इन चिंतनों में धीरे- धीरे विकार आने लगता । समाज धर्म के मूल से हटकर भटकने लगता । ऐसे समय में फिर किसी चिंतक या संत का उदय होता और इस तरह एक नए पंथ की स्थापना हो जाती । इस प्रकार भारत नए-नए विचारों से समृद्ध होता गया । लेकिन इन विभिन्न विचारों के केंद्र में हमेशा एक बात रही- ‘ ‘एकैव मानुषि जाति ।’’ – इसी पुस्तक से

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