Sale!

Charles Dickens ki Lokpriya Kahaniyan

250.00 212.50

ISBN : 9789386001313
Edition: 2016
Pages: 152
Language: Hindi
Format: Hardback
Author : Charles Dickens

Compare
Category:

Description

और एक दिन रात को तो ऐसा हुआ कि लाल चेहरेवाले एक आदमी, जिसने सफेद रंग का हैट लगाया हुआ था, ने घर नं. 3 में जाकर दरवाजा खटखटाया, जिसमें सफेद बालोंवाला एक आदमी रहता था। उस आदमी ने सोचा कि शायद उसकी किसी विवाहित लड़की की समय से पूर्व तबियत खराब हो गई हो, वह अँधेरे में टटोलते हुए सीढि़यों से नीचे उतरा और कई चिटखनियाँ और ताले खोलने के बाद दरवाजा खोला। दरवाजा खोलने पर उसने देखा कि सामने लाल मुँहवाला एक आदमी, जो सफे द रंग का हैट पहने हुए था, खड़ा था और जिसने आधी रात में दरवाजा खटखटाने के लिए माफी माँगी…

इस पर वह लड़का जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने और अपने हथेलियों से अपनी आँखों को रगड़ने लगा, जैसे कि वह रो रहा हो और आँसू पोंछ रहा हो और अपनी अबोधता तथा भोलेपन के आहत होने का नाटक करने लगा। ज्यूरी ने उसी वक्त उसे अपराधी करार कर दिया और वह फिर से आँसू बहाने का नाटक करने लगा। बेंच द्वारा पूछे गए एक सवाल के उत्तर में जेल सुपरिंटेंडेंट ने बताया, ‘‘यह लड़का मेरे चार्ज में पहले भी दो बार जेल में रह चुका है।’’
—इसी संग्रह से

प्रसिद्ध कथाकार चार्ल्स डिकेंस की रोचक-पठनीय-लोकप्रिय कहानियों का संकलन।

______________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________

अनुक्रम

1. चार बहनें — Pgs. 7

2. लेडीज सोसाइटीज — Pgs. 13

3. हमारे पड़ोसी — Pgs. 19

4. वॉसहाल गार्डेंस — Pgs. 27

5. अपराधियों की कोर्ट-कचहरी — Pgs. 33

6. क्रिसमस डिनर — Pgs. 39

7. नव वर्ष — Pgs. 45

8. कैदियों की गाड़ी — Pgs. 51

9. विदेश-यात्रा — Pgs. 54

10. इटालियन कैदी — Pgs. 69

11. दुकानें और उनके किराएदार — Pgs. 81

12. गिरवी रखनेवाले की दुकान — Pgs. 86

13. सिग्नलमैन — Pgs. 94

14. घोड़ा गाड़ी का स्टैंड — Pgs. 110

15. बेचारा मर्केंटाइल जैक — Pgs. 115

16. पुअर जैक — Pgs. 122

17. मिस जेमीमा इवांस और ईगल — Pgs. 129

18. यूरेट, वृद्ध महिला और आधे वेतनवाला कैप्टन — Pgs. 134

19. डॉटर्स कॉमन्स — Pgs. 141

20. जनता वता — Pgs. 147

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Charles Dickens ki Lokpriya Kahaniyan”

Your email address will not be published. Required fields are marked *