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विषकन्या / Vishkanya

125.00 112.50

Pages: 118
Language: Hindi

Author : Om Prakash Sharma

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Category:

Description

जनतंत्र के इस युग में छोटे–बड़े , सरकारी और गैर सरकारी, सभी जासूसों की एक सीमा होती है। कर्त्तव्यचाहे जितना भी विशाल क्यों न हों, परंतु किसी भी परिस्थिति में सीमा का अतिक्रमण नहीं किया जा सकता। परंतु प्राचीन काल में, जब राजाओं की आज्ञा मात्र ही विधान होती थी, तब के जासूसों की सीमा अनंत थी। फलस्वरूप उनके आश्चर्यजनक और दुस्साहपूर्ण होते थे।
अगर आपको ऐसी चर्चा पसंद है तो निसंदेह ये उपन्यास बेजोड़ है। ये एक ऐतिहासिक जासूसी उपन्यास है।

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