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कैलाश मानसरोवर: हिमालय से आगे की खोज / Kailash Mansarovar : Himalaya se Aage ki Khoj

795.00 675.75

ISBN: 978-93-89136-12-8
Edition: 2019
Pages: 192
Language: Hindi
Format: Hardback

Author : Dev Mukharjee

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Category:

Description

अनंत काल से कैलाश मानसरोवर भारत, नेपाल और तिब्बत के लोगों की आस्था और कल्पना का अविभाज्य हिस्सा रहा है। यहां के निवासियों पर इसका गहरा प्रभाव आज भी देखा जाता है। हिंदू और बौद्ध अनुयायी इसे परम तीर्थ मानते हैं।
देवों में सबसे शक्तिशाली और सबसे रहस्यमयी भगवान शिव का निवास स्थान है कैलाश, जो यहां अपनी पत्नी, हिमालय की पुत्री पार्वती के साथ निवास करते हैं। समय के साथ कैलाश की पहचान मेरू नाम के उस कल्पित पर्वत के रूप में हुई, जो इस ब्रह्मांड का केंद्र था, जिसके इर्द-गिर्द दुनिया घूमती थी।
हिंदुओं का स्फटिक पर्वत कैलाश और बौद्ध धर्मियों के लिए कांग रिनपोचे है, जो हिम से घिरा हुआ पर्वत र्ह, जहां हेरुका चंद्रसंवर रहते हैं, जो शिव के समान ही अर्धचंद्र से सुशोभित हैं। बाॅन संप्रदाय के लोग इसे तिसे पुकारते हैं और जैन अनुयायियों के लिए यह अष्टपद है, जहां प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव ने निर्वाण प्राप्त किया था।
कैलाश मानसरोवरः हिमालय से आगे की खोज पुस्तक में पौराणिक कथाओं और सदियों के तीर्थयात्रियों के अनुभवों से खोज करके यह चित्रित किया गया है कि युगों से लोगों के लिए कैलाश का क्या महतव है! कैसे इसका प्रभाव साहित्य एवं महानतम वास्तुकला में व्याप्त है!
पुस्तक के अंतर्गं 21 वर्षों के अंतराल में की गई लेखक की तीन यात्राओं का विस्तृत विवरण है, जो भारत से पारंपरिक तीर्थयात्रा मार्ग लिपु दर्रे व तिब्बत पार में की गईं। इसमें लगभग दो सौ चित्र भी संलग्न है।

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