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कुम्भ मेला: एक क्षणिक महानगर का प्रतिचित्रण / Kumbha Maila : Ek Shanik Mahanagar ka Pratichitran

995.00 845.75

ISBN: 978-93-86906-67-0
Edition: 2019
Pages: 252
Language: Hindi
Format: Hardback

Author : Ed. Rahul Malhotra, Philip Wera

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Category:

Description

कुम्भ मेला दुनिया में आयोजित किया जाने वाला सबसे बड़ा धार्मिक समारोह है, और इस दौरान दुनिया का सबसे विशाल जनसमूह यहां इकट्ठा होता है। इसके परिणामस्वरूप यहां एक आभासी मेगासिटी भी उभर कर सामने आता है। कुंभ मेले की अपनी सड़कें, पांटून पुल और टेंट होते हैं जो आवास एवं आध्यात्मिक बैठकों के लिए स्थल की भूमिका निभाते हैं। इसके अतिरिक्त यहां अस्पतालों, शौचालयों और टीकाकरण क्लिीनिकों के तौर पर सामाजिक संरचनाएं भी बनाई जाती हैं, जो बिल्कुल किसी वास्तविक शहर की तरह काम करती हैं। ये कुंभ नगरी लगभग 70 लाख लोगों के काम आती है जो यहां 55 दिनों तक इकट्ठे रहते हैं। इसके अलावा यहां एक करोड़ से 2 करोड़ की संख्या में ऐसे लोग भी यहां आते हैं। जो स्नान वाली 6 प्रमुख तिथियों को 24 घंटे तक का प्रवास करते हैं। 2013 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की, कई विषयों से ताल्लुक रखने वाली टीम ने इस महाआयोजन की तैयारियों और इसमें होने वाले समारोह पर शोध किया। एक शहर के तौर पर इस मेले का यह पहला सिलसिलेवार, अध्ययन था और इसमें सामाजिक मुद्दों, विविधताओं और उस लोकतांत्रिक व्यवस्था जैसे मुद्दों को भी शामिल किया गया, जो इस शहर के निर्माण के दौरान सामने आते हैं। इस नगर में किसी एकल व्यक्ति के लिए भी स्थान होता है और व्यक्तियों के समूहों के लिए भी। इस संस्करण में इसी व्यापक शोध के परिणामों को प्रस्तुत किया जा रहा है। इसमें शहर के नक्शे, इसकी हवाई तस्वीरें, इसके विस्तृत रेखाचित्र और शानदार तस्वीरें भी हैं जो कुंभ मेले के दौरान बनने वाले इस अल्पकालिक महानगर की भव्यता को दर्शाती है।

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